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उदगम ऊर्जा का समुदाय को आह्वान
जैव
प्रतिध्वनि तकनीक - क्या हो अगर एक ऐसी तकनीक हो जो आपके जीवन भर की खराब आदतों को खत्म करने में मदद करे और जो 10 साल के आध्यात्मिक विकास को कुछ ही महीनों में घनीभूत कर दे? क्या आप इसे करेगे? क्या
आप मेहसुस करेगे की आप धोखा दे रहे है? बदलना मुश्किल हो यह आवश्यक नहीं है | जैव प्रौद्योगिकी तकनीक बनाने में 20 साल लगे है, और यह Bill Kirkland की आध्यात्मिक खोज की परिणति है | श्री Kirkland ने संपूर्ण जीवन
प्रार्थना, प्राचीन धर्म, ध्यान, आधुनिक radionics और चुंबकीय ऊर्जा उपकरणों के व्यापक अध्ययन में समर्पित किया है | Bill ने एक इलेक्ट्रॉनिक सहायक बनाया है, जो मानव को पूर्ण चेतना कि और लंबी छलांग लगाने में मदद करेगा
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उदगम आपकी आधार आवृत्ति की दर को तीसरे से पांचवे आयाम पर लाने की प्रक्रिया है |यह एक उच्च सेलुलर थरथानेवाला दर है, जो किसी कि रासायनिक संरचना को कार्बन से सिलिका में बदलता है और रूपांतर तथा रसायन विद्या पर एक काम करता है | क्वांटम भौतिकी हमें बताती है कि हम होलोग्राम प्रतिध्वनि करने वाले ऊर्जा की खडी लहरें है | हाल ही में रुसी अध्ययन ने पुष्टि की है कि डीएनए भाषा और ध्वनि को प्रतिक्रिया करता है | ध्वनि आवृत्ति है, शुरुआत में शब्द था और वर्ड रुप बन गया | आधुनिक विज्ञान ने अब यह पुष्टि कि है कि जो प्राचीन कीमिया और गूढ़ धर्म हमे सदियों से बता रहा है कि मनुष्य अपने मन, भावनाओं और अभिलाषा से अपनी वास्तविकता बनाता है | यह सूचित किया गया है कि सेंट जर्मेन ने ऐसे जीवन अमृत की खोज कि जिसने उसे बिना वृद्ध हुये एक ही शरीर में 300 वर्षों रहने के योग्य बनाया | अमृत्व एक आवृत्ति, एक बोतल है, जैव प्रतिध्वनि तकनीक क्या कर रही है कि अमृत्व औषधि और बरसो की कठोर साधना को मशीन से प्रतिस्थापित कर रही है, ताकि आप चेतन के पहाड पर तेजी से चढ सके | आप इस तकनीक का प्रयोग सफलता पाने के लिये, दवाओं के बिना खेल के प्रदर्शन को बढ़ाने या अपने जीवन में सिद्ध दोस्त को लाने के लिये कर सकते है क्योकि आप भी सिद्ध हो चुके है | आप चित्रकार हैं; यह पाठ्यक्रम आपको जीवन की दिशा बदलने की शक्ति प्रदान करता है |
Nikola Tesla ने एक बार कहा था कि मनुष्य की खोज ज्यादा ऊर्जा प्राप्त करने कि खोज है | हममे यह कमी है कि हममे हमारी आनुवंशिकी को ठीक तरह से चलाने की शक्ति नहीं है | डीएनए एक सुपर कंप्यूटर है जिसका 32 RAM परिचालन करता है | उच्च चेतना को काफी ऑपरेटिव आनुवंशिकी सुधार की जरूरत है, चेतना और उदगम के सर्वोच्च शिखर तक पहुंचने के लिये आपको एक तपस्वी बनना होगा, एक साधु के समान जप करना होगा और 24 घंटे, सातो दिन प्रार्थना करनी होगी और शुद्ध आहार करना होगा | जैव प्रतिध्वनि तकनीक बिना साधु बने उच्च चेतना का विकास करने में आपकी मदद करेगी | जैव प्रतिध्वनि तकनीक आपके मन से नकारात्मकता को दूर करने में सहायता करेगी और आपके कर्म अवरोधो को तोड देगी | यह आध्यात्मिक विकास को बदलना नही है लेकिन यह एक सहायक है जो आपके आध्यात्मिक पथ में तेजी ला सकता है और आपकी भावनात्मक स्थिति और स्वास्थ्य को सुधार सकता है |
जैव प्रतिध्वनि शक्ति कार्यक्रम का लक्ष्य है कि आपके मन और भावनाओ के उर्जा स्तर को बढाये, ताकि आपके जीवन से नकारात्मकता पूरी तरह से खत्म हो जाए | और एक ऐसी उर्जा प्रदान की जाए, ताकि आप रोज प्रबुद्ध चुनाव कर सके ओर आपको ऐसा जीवन जीने का तरीका बता सके जहां आप डर और अज्ञानता की बजाय प्रेम और विवेक से जीवन जी सके | डर रुपी चेतना तो केवल जीवन ऊर्जा में कमी करती है | इन उच्च स्तरो तक पहुँचने के कई तरीके है जैसे जप, पूजा, प्रार्थना, आध्यात्मिक पठन सामग्री का अध्ययन और गुरुओ के प्रवचन, यह तो बस कुछ तरीके है | दुर्भाग्यवश हम जिस वातावरण में रहते है वह हमें निरंतर नकारात्मकता की धारा में डुबाता है; बाजार का पतन, कार दुर्घटनाए, राजनैतिक भ्रष्टाचार और मानवता का चुर-चुर हो जाना अच्छी तरह जाना पहचाना उदाहरण है | इस भूलभुलैया से निकलने का एक रास्ता है | समाधान क्या है ? हमने एक ऐसे यंत्र का विकास किया है जिसके द्वारा आप केवल अपने नाम का प्रयोग कर खुदको सकारात्मक ऊर्जा भेज सकते है | हमारे ग्राहकों ने हमें बताया है कि जो सकारात्मक ऊर्जा हमने आपके नाम के द्वारा आप तक भेजी है उसने नकारात्मक भावनाओं को समाप्त कर दिया है, शारीरिक ऊर्जा को प्रबल किया है, एकाग्रता बेहतर की है और आध्यात्मिक ऊर्जा में अपरिहार्य वृद्धि की है |
Gnostic ईसाइयत में शब्द ताउ माहिर या गुरु का प्रतिक है | ऐतिहासिक दृष्टि से, एक ताउ हर सौ वर्षों में लगभग एक बार संसार में जन्म लेता है | यह किताब आधुनिक ताउ गुरु के बनने को लिपिबध्द करती है | यह तब शुरु होती है जब वह 30 साल कि आयु के आसपास अपनी पूरी क्षमताओं तक पहुंचता है, गूढ़ आध्यात्मिक अनुभवों के रूप में आगे बढ़ता रहता है अंततः एक पूर्ण रहस्यमय इकाई बनता है | पिछले समय के विपरीत जहाँ वर्षों कि कठिन प्रार्थना, ध्यान के उपरांत एक गुरु बनता था, हमारा गुरु आधुनिक तकनीक से पूर्ण शक्तिमान होने में समर्थ है | इस किताब में अपनायी गई तकनीक असली है और आज के आधुनिक ताउ गुरु को बनाने के उपयोग में आती है | हालांकि हमारे आधुनिक ताउ गुरु के अनुभव किताब में चित्रित रंगो जितने रंगीन नहीं होते पर अक्सर वे उतने ही जटिल और कारगर होते है |
कीमियागिरी का इस्तेमाल किताब में बडे पैमाने पर किया जाता है | आज हम खुद को कीमिया कि दुनिया में पाते है | बिलकुल 500 साल पहले के पुनर्जागरण कि तरह, उस दौर में कीमियागिरि (आध्यात्मिक और भौतिक विज्ञान का स्ंशलेषण) का उपयोग इस जटिल जगत को सतही रूप से समझने के लिए किया जाता था | आधुनिक विज्ञान के युग के साथ, लगभग सन 1500-1950 तक, रासायनिक संबंधों की विशेषताओं और परमाणुओं के त्रिविम व्यवस्था और परमाणु ढांचे की गहराई का पता लगाया गया | 19वी सदी के आरम्भ में क्वांटम यांत्रिकी का सैद्धांतिक और भौतिक दोनो स्तरो पर गहन शोध हुआ | यह पाया गया की उपपरमाण्विक स्तर पर कण देखनेवाले के प्रभाव में है अर्थात वास्तविकता भी प्रभावित होती है | इसकी शुरुआत आधुनिक कीमिया के युग में हुई | एक बार फिर आध्यात्मिक और भौतिक विज्ञान का मिलन हुआ और आध्यात्मिक विकास प्रमुख रहा |
1980 के दशक में, Burkhard Heim, एक जर्मन भौतिकशास्त्री ने एकीकृत फील्ड क्वांटम थ्योरी को प्रस्तावित किया | एक सिद्धांत जिसे अल्बर्ट आइंस्टीन जैसे विशिष्ट व्यक्ति ने करीब आधी सदी पहले तलाशा था | इन आधुनिक वैज्ञानिकों ने गुरुत्वाकर्षण पर अध्ययन किया और सापेक्षता और क्वांटम यांत्रिकी के बीच सैद्धांतिक संबंध मिलाने की कोशिश की | Heim's के प्रस्ताव ने एक आसान तरीके से दोनो अदभुत घटनाओ को एकीकृत कर दिया | उन्होने आठ आयाम वाली नयी गणना और metron कलन नामक नये गणित का निर्माण किया ताकि इन दो बिलकुल पृथक सिद्धांतो को समझाया जा सके | Burkhard ने पाँचवे और छठे आयाम को entelechial आयाम का नाम दिया | यहाँ वास्तविकता एक संभावनाओं की एक श्रृंखला के रूप में अवधारित की जाती है और बाद में चार आयामों (लंबाई, चौड़ाई, ऊँचाई, समय) में जाहिर की जाती है | Entelechial आयाम केवल विचार और आध्यात्म से बना है जहाँ भौतिक संसार नहीं रह सकता | यह आधुनिक कीमिया का जगत है |
मध्य 1930 में शून्य बिंदु की अवधारणा को सिद्धांतिक रुप से बताया गया | यह पाया गया कि किसी भी तापमान के अभाव में जैसे बाह्य अंतरिक्ष में असीम ऊर्जा के स्रोत है जो असीम रुप से छोटे कणों से बना है जिन्हे tachyons बुलाया गया | यह सिद्धांत माना गया की हमारे भौतिक संसार को ब्रह्मांड कि केवल एक अरबवी ऊर्जा उपलब्ध है | हम आकाश में एक लहर है और ऊर्जा का पूरा सागर हमारे नीचे है |
दुर्भाग्य से उपकरण जो इस भौतिक युग में विकसित किया गया है, इस आयाम को नहीं माप सकता | इसके बजाय, मानव शरीर का एंटीना दिव्यशक्ति से निहित है, पर रोजमरा के जीवन ने उसे दिव्य विशेषताओ से विहिन कर दिया है | किसी परम
शुद्ध विशेषज्ञ द्वारा ही हम हमारी वास्तविकता की नई सीमाओं तक पहुँच सकते है |
ताउ मास्टर, की दुनिया में प्रवेश करे, एक विकसित इकाई जिसका समय आ गया है | भौतिक धरातल पर इंसान का विज्ञान की असीम शक्ति को जवाब | कृत्रिम, जटिल आधुनिक
तकनीक भी उस मार्गदर्शक सितारे के सामने कुछ नहीं | यद्यपि वह विज्ञान की सहायता से उदगम तक पहुँचता है पर बाद में उस शिखर तक पहुँचता है जो केवल मानव कि कल्पना में मिलता है | शायद यही मानव जाति का भविष्य है जिसकी भविष्यवाणी
विद्वानो ने हजारो साल पहले की थी और जिसे यीशु मसीह ने करीब 2000 साल पहले खुबसुरती से समझाया था |
यह कैसे काम करता है::
कार्यक्रम की मासिक सदस्यता मात्र 95 डॉलर प्रतिमाह है | भुगतान के बाद आपको 30 मिनट के परामर्श के लिए Bill Kirkland का फोन नम्बर दिया जाता है | Bill आपका नाम जैव प्रतिध्वनि मशीन पर रखते है | मशीन की शक्ति हफ्ते दर हफ्ते बढाई जाती है | अंततः 6 हफ्तो बाद आपका नाम मशीन # 5 पर रखा जाता है और वही प्रक्रिया फिर से शुरू होती है | मशीन की शक्ति धीरे-धीरे उसकी अधिकतम सीमा तक बढाई जाती है | इस तकनीक और कार्यक्रम पर अधिक जानकारी के लिये यह उदगम सबक पृष्ठ देखें..
ऊर्जावान संतुलन ही कुंजी है!
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